786 नोटों का अनोखा संग्रह
व्यवसायी लाला बंग ने जमा किए एक लाख 67 हजार 292 रुपए
लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकोर्ड में नाम लिखाने की हसरत
मुस्लिम समाज में 786 अंक का विशेष महत्व है। शाब्दिक रूप में इसका अर्थ है - शुरु करता हूं अल्लाह के नाम से जो बड़ा रहमान और रहीम है। इसी वजह से खुशी के प्रत्येक कार्य में समाज के लोग इस अंक का उपयोग करते है। इस अंक की वस्तु या सामग्री को एकत्र करने की हॉबी अनेक लोगों में होती है, फिर चाहे वह इस अंक के नोट हो, किसी वस्तु का 786 वां अंक हो या कोई अन्य वस्तु। किशनगढ़ निवासी व्यवसायी लाला बंग ने भी 786 अंक वाले नोटों का अनुठा संग्रह बनाया है। कई वर्षों से इस अंक के नोटों को एकत्र करने वाले बंग के पास आज एक लाख 67 हजार 292 रुपए है, जिनमें 786 अंक छपा है। बंग की तमन्ना है कि उनका संग्रह इतना बढ़े कि एक दिन लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकोर्डस में उनका नाम दर्ज हो जाए।
किशनगढ़ के अजमेर रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने रहने वाले 40 वर्षीय लाला बंग सेनेट्री आईटम व प्रोपट्री का व्यवसाय करते है। मझेला रोड पर उनका सेनेट्री आईटम का शोरूम है। 'आवाज़ टुडे से बातचीत में व्यवसायी बंग ने अपने इस अनुठे संग्रह के बारे में बताया। बंग ने करीब पन्द्रह साल पहले किसी मैगजीन में एक व्यक्ति के पास 786 अंक वाले नोटों के रूप में दस-बारह हजार रुपए का संग्रह होने का समाचार देखा था, तभी उनके मन में इस अंक वाले नोटों के संग्रह करने का विचार आया। फिर तो देखते ही देखते उनकी नजर सभी नोटों पर जाने लगी। पूर्व में वे प्राइवेट बस सर्विस का संचालन करते थे, उस दौरान आने वाले सभी नोटों को वे शाम को देखते थे और 786 का अंक वाले नोट को अलग कर देते थे। अनेक बार तो दिन में दो-तीन ऐसे नोट मिल जाते थे जबकि अनेक बार तो दो-तीन हफ्ते तक 786 अंक वाला एक भी नोट नजर नहीं आता था। धीरे-धीरे वे सेनेट्री आईटम व प्रोपर्टी के व्यवसाय में आ गए लेकिन 786 अंक वाले नोटों का संग्रह करने का शौक लगातार जारी रहा।
आज उनके पास 786 अंक वाले एक लाख 67 हजार 292 रुपए का अनुठा संग्रह है। इनमें एक हजार रुपए के 41 नोट, पांच सौ रुपए के 164 नोट, सौ रुपए के 360 नोट, पचास रुपए के 138 नोट, बीस रुपए के 7 नोट, दस रुपए के 113 नोट, पांच रुपए के 21 नोट, दो रुपए के 8 नोट व एक रुपए का एक नोट शामिल हैं। इस संग्रह में दिनों-दिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। बंग ने बताया कि उनके इस संग्रह को एकत्र करने में उनकी माताजी शांति देवी व पत्नी संगीता बंग ने भी खासा सहयोग दिया है। बंग की तमन्ना है कि उनका संग्रह इतना बढ़े कि लिम्बा बुक ऑफ वल्र्ड रिकोर्डस में उनका नाम दर्ज हो जाए।
दो नोट एक ही अंक वाले :
व्यवसायी लाला बंग के पास दो नोट ऐसे भी है, जिनमें सारे अंक एक ही है। वह अंक है 777777। इनमें एक नोट पचास रुपए का व दूसरा नोट दस रुपए का हैं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें