रोचक खबरें पढ़े और स्वास्थ्य को बेहतर बनाएडेंटल एक्स रे महिलाओं के लिए घातकगर्भवती महिला के लिए दांतों का एक्स-रे भी हानिकारक हो सकता है क्योंकि इससे उनके शिशु के कम वजन के होने की संभावना बढ़ जाती है। अभी तक विशेषज्ञ यही मानते हैं कि सिर और गर्दन पर पडऩे वाली रेडिएशन का कोई भी बुरा प्रभाव गर्भवती महिला पर नहीं पड़ता। गर्भाशय में अगर सीधी रेडिएशन पड़े तो गर्भ में पल रहे शिशु पर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञ फिलिप हजुएल ने अपने सात वर्ष तक हुए अध्ययन में पाया कि जिन गर्भवती महिलाओं ने अधिक डैंटल एक्स-रे कराए, उनके शिशुओं में एक्स-रे न करवाने वाली गर्भवती महिलाओं के शिशुओं की तुलना में वजन कम होने की संभावना अधिक पाई गई।ब्लूबेरी खाकर दिल की बीमारियों को दूर भगाइयेदिल की बीमारियों से छुटकारा पाने चाहते हैं तो रोज ब्लूबेरी खाइये। एक नया अध्ययन तो यही कहता है। ब्लूबेरी को कैंसर और अल्झाइमर से बचाव में बड़ा मददगार माना जाता रहा है। अब शोधकर्ताओं ने दिल की बीमारियों में भी इसके फायदे गिनाए हैं। अमेरिकी कृषि विभाग की अगुआई में शोधकर्ताओं ने पाया कि ब्लूबेरी खाने से दिल का दौरा पडऩे की आशंका कम हो जाती है। उनका कहना है कि ब्लूबेरी धमनियों में कड़ापन नहीं आने देती जो अक्सर दिल के दौरे की वजह होता है। शोधकर्ताओं को चूहों को ब्लूबेरी खिलाकर परीक्षण किया और नतीजों का विश्लेषण किया जिसमें ये तथ्य सामने आया।संक्रमण रोकता है शहदअमेरिका के अनुसंधानकत्र्ताओं ने अपने लम्बे अध्ययन के बाद इस बात का पता लगाया है कि शहद में प्रचुर मात्रा में एंटीबायोटिक तत्व मौजूद होते हैं जो केवल कटी-फटी त्वचा एवं घावों को ही शीघ्र नहीं भरते ,बल्कि किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोकने में पूरी तरह सक्षम होते हैं। हाल ही में प्रकाशित 'बीÓ जर्नल के एक अंक के अनुसार इसराईल के अनेक राजकीय और निजी अस्पतालों में घावों, अल्सर आदि की चिकित्सा हेतु शहद का खूब प्रयोग किया जा रहा है।बहुत अधिक आयरन से पार्किन्सन रोगआयरन की कम मात्रा का सेवन तो शरीर के लिए हानिकारक है ही, अधिक मात्रा का सेवन भी व्यक्ति को कई रोगों का शिकार बना सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ वाश्ंिागटन की एक रिपोर्ट के अनुसार बहुत अधिक मात्रा में आयरन का सेवन पार्किन्सन रोग की संभावना को बढ़ाता है। अध्ययन में उन्होंने 250 व्यक्तियों को आयरन की भिन्न-भिन्न मात्रा का सेवन कराया और जिन व्यक्तियों ने बहुत अधिक मात्रा में आयरन का सेवन किया उन्हें पार्किन्सन रोग होने की संभावना अधिक पाई गई।यकृत रोगों को दूर करती हैं खट्टी चेरी'इंडियन मैडिसिन प्लांट्सÓ नामक पुस्तक के अनुसार चेरी फेफड़ों के रोगों के अतिरिक्त यकृत रोगों में भी लाभदायक है। इसका उपयोग सुजाक, पथरी और वायु नलियों में जीर्ण प्रदाह को दूर करने के लिए भी किया जाता है। चेरी गुर्दे की बीमारी, मितली आदि को भी दूर करती है। सेंधा नमक के साथ काली मिर्च मिलाकर चेरी का सेवन करना चाहिए।गर्भवती की उल्टियों को रोकता है जामुन का शर्बतएक वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार अच्छे पके काले-काले जामुन के रस को एक लीटर की मात्रा से लेकर अढ़ाई किलो शक्कर मिलाकर शर्बत बना लें। आग पर चढ़ाकर शर्बत की चाश्नी तैयार की जाती है। इस शर्बत से 15 से 30 मि.लि. तक लेकर पानी में मिलाकर नित्य सेवन करते रहने से खून की संग्रहणी, जी मिचलाना, उल्टियां होना, गले की सूजन,रक्तप्रदर, प्रमेह, उपदंश, पूयमेह आदि रोगों में लाभ होता है। गर्भवती की उल्टियों में यह अचूक औषधि की तरह काम करता है।स्तन कैंसर से बचाती है हरी मिर्चयूनिवर्सिटी ऑफ एथेंस, यू.एस. डिपार्टमैंट ऑफ एग्रीकल्चर एवं हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोध वैज्ञानिकों ने स्तन कैंसर से ग्रस्त 2000 महिलाओं पर अध्ययन किया। उनकी भोजन संबंधी आदतों का मुख्य निरीक्षण किया और पाया कि स्तन कैंसर के खतरे को कम करने में 'फ्लावोंसÓ नामक तत्व काफी सहायक साबित होते हैं। फ्लावोंस ब्लेवोनाइड्स समूह का हिस्सा होते हैं। यह आमतौर पर हरी पत्तेदार सब्जियों, लाल या हरी शिमला मिर्च तथा नींबू में मौजूद होते हैं। भोजन में मौजूद 0.5 ग्राम 'फ्लावोंसÓ स्तन कैंसर के खतरे को 13 प्रतिशत तक कम कर देते हैं।प्रदूषित जल से आंत में फोड़ेजल को जहां जीवन कहा जाता वहीं संक्रमित जल अनेक बीमारियों को पैदा कर देता है। प्रदूषित जल आंखों को संक्रमित कर देता है तथा खूनी पेचिश, टायफाइड, कालरा, डायरिया, पीलिया आदि जैसे अनेक रोगों को भी पनपने का मौका मिलता है। आंत्रशोथ एवं आंत्र कैंसर (वर्ण) भी प्रदूषित जल के पीने से ही होता है। प्रदूषित जल के पीते रहने से जी मिचलाना, पेट का भारी होना, थकावट आदि के लक्षण उभर कर आते हैं। स्वच्छ पानी प्राप्त करने के लिए पानी को उबालना, छानना आदि क्रियाओं को करते रहना हितकर होता है।स्ट्राबेरी, रसभरी व ब्लैकबेरी स्वास्थ्यप्रदविशेषज्ञों के अनुसार स्ट्राबेरी, रसभरी व ब्लैकबेरी आदि न केवल स्वाद से भरपूर होती हैं बल्कि इनसे बहुत से स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। इन सभी में ऐसे एंटीआक्सीडैंट पाए जाते हैं जो फ्री रैडीकल्स से सुरक्षा देते हैं। रसभरी, स्ट्राबेरी व ब्लैकबेरी में एलाजिक एसिड की अच्छी मात्रा पाई जाती है और विशेषज्ञ इसे 'कैंसर फाइटरÓ के रूप में मानते हैं। कई शोधों से यह पता चला है कि एलाजिक एसिड स्तन, आंत आदि कैंसरों से सुरक्षा देते हैं। विशेषज्ञों ने शोध में पाया कि बेरी और हरी पत्तेदार सब्जियां डिप्रैशन में भी लाभ पहुंचाती हैं। इस शोध में 3000 पुरुषों व स्त्रियों के ब्लड सैंपल जांच करने पर पाया गया कि डिप्रैशन से पीडि़त व्यक्तियों में फोलेट की कमी पाई गई। बेरी और हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलेट की मात्रा भरपूर पाई जाती है जो डिप्रैशन के रोगियों में पाई जाने वाली इस कमी को दूर करती है।
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गुरुवार, 29 दिसंबर 2011
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