तकनीक बूम के नाम रहा साल 2011
आधुनिक हाईटेक युग में तकनीक पल प्रति पल अपना रूप बदलकर पहले से कही उन्नत होती जा रही है। कुछ तकनीक लोगों को पंसद ही नहीं बेहद पसंद आती है जबकि कुछ अपना कोई खास असर नहीं छोड पाती है। इस लिहाज से देखे तो बीता वर्ष 2011 जहां तकनीकी बूम वाला रहा, वहीं अनेक तकनीकी गैजेट ने लोगों को अपना दिवाना बना दिया। यहा बीते साल की मुख्य उपलब्धियों को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है।
टैबलेट
सन् 2011 में आइपैड के साथ शुरु हुआ टैबलेट कम्प्यूटर का क्रेज 2011 में भी जारी रहा। एपल ने अपने टैबलेट कम्प्यूटर आइपैड का नय्ाा मॉडल आइपैड 2 जारी किय्ाा। लास वेगास में हुय्ो कंज्य्ाूमर इलैक्ट्रॉनिक्स शो में लगभग 75 नय्ो टैबलेट पेश किय्ो गय्ो। इनमें सबसे ज्य्ादा चर्चित रहा मोटोरोला का जू़म टैबलेट जो कि एण्ड्रॉइड के टैबलेट हेतु बनाय्ो गय्ो विशेष संस्करण 3 (हनीकॉम्ब) य्ाुक्त पहला टैबलेट था। इसके बाद पूरे वर्ष 10 इंच स्क्रीन वाले हनीकॉम्ब य्ाुक्त कई 3जी टैबलेट आय्ो। हाल ही में एण्ड्रॉइड का नवीनतम संस्करण 4 (आइसक्रीम सैंडविच) भी जारी हुआ जिसमें कि हिन्दी भाषा का समर्थन भी शामिल है। आसुस नामक कम्पनी ने पहले क्वाड कोर प्रोसैसर य्ाुक्त टैबलेट की घोषणा भी की है जो कि सन् 2012 के शुरु में आने की उम्मीद है। आसुस के इस टैबलेट को कीबोर्ड डॉक पर लगाकर लैपटॉप का रूप भी दिय्ाा जा सकता है। ईकॉमर्स वेबसाइट अमेजन भी किंडल फाय्ार नामक अपना टैबलेट लेकर आय्ाी।
भारत में बीते वर्ष सस्ते टैबलेट बाजार में प्रतिस्पर्धा रही। रिलाय्ांस के 3जी टैब, बीटल मैजिक, मर्करी एमटैब आदि सहित कई सस्ते जिंजरब्रैड संस्करण वाले टैबलेट आय्ो। डाटाविंड कम्पनी का 2500 रुपय्ो कीमत का आकाश (सरकार द्वारा विद्यार्थिय्ाों के लिय्ो बनवाय्ाा गय्ाा) तथा 3000 रुपय्ो कीमत का य्ाूबीस्लेट (सामान्य्ा बिक्री हेतु बनाय्ाा गय्ाा) टैबलेट भी आय्ाा। वहीं चीन में लगभग 5000 रुपय्ो कीमत का एमआईपीएस टैक्नोलॉजी नामक कम्पनी द्वारा निर्मित 1 गीगाहटर््ज प्रोसैसर तथा आइसक्रीम सैंडविच य्ाुक्त सस्ता टैबलेट भी सामने आय्ाा।
स्मार्टफोन
स्मार्टफोन की बात करें तो सैमसंग ने साल 2010 के अपने सुपरहिट मॉडल गैलैक्सी एस का नय्ाा मॉडल गैलैक्सी एस 2 पेश किय्ाा जिसमें कि 1.2 गीगाहटर््ज का ड्य्ाूल कोर प्रोसैसर है। य्ाह मॉडल भी अपने पूर्ववर्ती की भाँति काफी सफल रहा। मोटोरोला ने एट्रीक्स 4जी नामक स्मार्टफोन पेश किय्ाा जो कि एक डॉक के साथ लगाने पर कम्प्य्ाूटर की तरह कायर््ा करता है। गूगल ने भी आइसक्रीम सैंडविच वाला पहला स्मार्टफोन नैक्सस एस पेश किय्ाा। एपल भी पीछे नहीं रहा तथा उसने आइफोन का नय्ाा संस्करण आइफोन 4एस जारी किय्ाा। 2012 में सैमसंग के गैलैक्सी एस का तीसरा संस्करण भी आने वाला है जिसमें 1.8 ड्य्ाूल कोर (य्ाा क्वाड कोर) प्रोसैसर, 2 जीबी रैम, एचडी स्क्रीन तथा 3डी होने की उम्मीद है।
लैपटॉप
लैपटॉप के क्षेत्र में भी नय्ाी तकनीक ने दखल दिय्ाा। इंटैल के सैंडीब्रिज टैक्नोलॉजी वाले सैकेंड जैनरेशन के कोर प्रोसैसरों ने पहले वालों का स्थान लिय्ाा। ब्ल्य्ाुटूथ 3.0 तथा य्ाूएसबी 3.0 पोर्टों का आगमन हुआ। लैपटॉप में भी एलसीडी डिस्प्ले का स्थान एलईडी ने ले लिय्ाा। इस साल लैपटॉप के क्षेत्र में भी नय्ाी शुरुआत हुय्ाी। एपल के मॅकबुक एय्ार की तर्ज पर इंटैल ने अल्ट्राबुक नाम से लैपटॉप के लिय्ो स्पैसिफिकेशन जारी की। सरल शब्दों में कहें तो अल्ट्राबुक एक लाइटवेट अल्ट्रापोर्टेबल लैपटॉप है। अल्ट्राबुक की स्पैसिफिकेशन में 13.3 इंच स्क्रीन, अधिकतम 0.8 इंच मोटे, अधिकतम 1.4 किलोग्राम भारी, कम से कम पाँच घंटे की बैट्री लाइफ तथा हार्ड डिस्क के स्थान पर सोलिड स्टेट ड्राइव शामिल हैं। य्ो स्लिम, पतले, हल्के एवं आकर्षक होते हैं तथा इनमें सीडी-डीवीडी ड्राइव नहीं होती। एसर, एचपी, आसुस, तोशिबा, लेनोवो तथा सोनी ने अल्ट्राबुक लॉन्च की हैं। इंटैल अल्ट्राबुक के लिय्ो सैंडीब्रिज के स्थान पर आइवी ब्रिज नामक विशिष्ट प्रोसैसर तैय्ाार कर रहा है। फिलहाल इनमें सैंडीब्रिज मोबाइल प्रोसैसर प्रय्ाोग हो रहा है। अल्ट्राबुक अभी काफी महंगी हैं, लगभग 50,000 रुपय्ो के आसपास। लगभग इतनी ही कीमत से मॅकबुक एय्ार के मॉडल शुरु होते हैं तो कोई इन्हें क्य्ाों खरीदेगा। जब तक इनकी कीमत नीचे नहीं आती, आम उपभोक्ता इनसे दूर ही रहेगा।
क्रोम ओएस य्ाुक्त गूगल की क्रोमबुक भी आय्ाी पर उन्हें कोई खास रिस्पॉन्स नहीं मिला। इंटरनेट की अनिवायर््ाता के चलते भारत में तो य्ो फिलहाल कामय्ााब ही नहीं।
टेलीविजन
पिछले कुछ सालों से एलसीडी टेलीविजन का क्रेज बढ़ गय्ाा है। 2011 में एलईडी का दौर आय्ाा। एलईडी की पिक्चर क्वालिटी एलसीडी की तुलना में बेहतर तो है ही, इनकी बिजली खपत भी कम है। लोगों ने अपने पुराने बड़े टेलीविजनों से छुटकारा पाकर दीवार पर टाँगे जा सकने वाले एलईडी खरीदे। इसके अतिरिक्त हाइ-डैफीनीशन के प्रति जागरूकता भी बघ्ी तथा अब लोग फुल एचडी टीवी खरीदना पसन्द कर रहे हैं। एलजी ने 2.9 मिलीमीटर मोटा दुनिय्ाा का सबसे पतला टीवी भी बनाय्ाा जो कि फुल एचडी है। पहले एल जी तथा बाद में कुछ दूसरी कम्पनिय्ाों ने 3डी टीवी भी बनाय्ो पर य्ो ज्य्ाादा चले नहीं। इसका कारण शाय्ाद 3डी सामग्री की कमी तथा चश्मे का झंझट है। इसी साल तोशिबा ने अपना 3डी टीवी भी प्रस्तुत किय्ाा जिसे देखने हेतु चश्मे की जरूरत नहीं।
डैस्कटॉप
डैस्कटॉप के क्षेत्र में कोई विशेष नय्ाी चीज देखने को नहीं मिली। इनमें भी इंटैल के सैंडीब्रिज टैक्नोलॉजी वाले सैकेंड जैनरेशन प्रोसैसर तथा य्ाूएसबी 3.0 पोर्ट आय्ो। एलसीडी मॉनीटर की जगह धीरे-धीरे एलईडी ने लेनी शुरु की। सैमसंग द्वारा माइक्रोसॉफ्ट के लिय्ो बनाय्ाा गय्ाा एसयूआर 40 कम्प्य्ाूटर सामने आय्ाा जो कि 40 इंच की फुल एचडी टचस्क्रीन य्ाुक्त है हालाँकि य्ाह केवल एण्टरप्राइज प्रय्ाोग के लिय्ो है, सामान्य्ा उपभोक्ताओं के लिय्ो नहीं।
अन्य्ा हार्डवेय्ार
ब्ल्य्ाूटुथ, य्ाूएसबी तथा स्टोरेज डिवाइसों में बेहतरी देखने को मिली। नय्ो कम्प्य्ाूटर य्ाूएसबी 3.0 आने लगे हैं जो कि न केवल य्ाूएसबी 2.0 से काफी तेज डाटा ट्राँसफर स्पीड प्रदान करता है बल्कि इसमें एक साथ डाटा भेजा एवं प्राप्त किय्ाा जा सकता है। ब्ल्य्ाूटुथ 3.0 य्ाुक्त लैपटॉप भी आय्ो। ब्ल्य्ाूटुथ का संस्करण 4.0 भी घोषित हो चुका है। एपल ने भी अपना हाइ-स्पीड थंडरबोल्ट पोर्ट बनाय्ाा जो कि उसके डैस्कटॉप एवं लैपटॉप में उपलब्ध है।
ऑपरेटिंग सिस्टम
डैस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टमों के क्षेत्र में माइक्रोसॉफ्ट ने विण्डोज के नय्ो संस्करण विण्डोज़ 8 की घोषणा की और इसका डैवलपर प्रिव्य्ाू जारी किय्ाा। विण्डोज़ 8 में विण्डोज़ फोन वाला मैट्रो इंटरफेस है। य्ाह संस्करण डैस्कटॉप के अतिरिक्त टैबलेट पर भी चलेगा। लिनक्स की दुनिय्ाा में ग्नोम डैस्कटॉप का नय्ाा संस्करण 3 आय्ाा जिसमें कि फाय्ारफॉक्स की तरह एक्सटेंशन सुविधा है। दो सबसे लोकप्रिय्ा लिनक्स वितरण उबुंटू एवं लिनक्स मिंट के अलावा य्ाह फेडोरा में भी आ चुका है। साथ ही उबुंटू का विकास करने वाली कम्पनी कैनॉनिकल ने घोषणा की है कि 2014 में वह उबुंटू का स्मार्टफोन एवं टैबलेट पर चलने वाला संस्करण भी जारी करेगा।
मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टमों के क्षेत्र में एण्ड्रॉइड का नय्ाा संस्करण 4 (आइसक्रीम सैंडविच) चर्चित रहा। य्ाह संस्करण स्मार्टफोन एवं टैबलेट दोनों के लिय्ो संय्ाुक्त रूप से बनाय्ाा गय्ाा है। इसमें एक अच्छी बात य्ो भी है कि हिन्दी का समर्थन आ गय्ाा है। इस साल एपल ने भी आइफोन, आइपैड तथा आइपॉड टच में प्रय्ाुक्त होने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम आइओएस का नय्ाा संस्करण 5 निकाला जिसके साथ हिन्दी वालों को हिन्दी कीबोर्ड का उपहार मिला। एचपी के वेबओएस के लिय्ो य्ाह साल अच्छा नहीं रहा तथा एचपी ने आगे से वेबओएस वाले डिवाइस बनाना बन्द करने की घोषणा की। इसके अलावा नोकिय्ाा ने भी सिम्बिय्ान को अलविदा कह माइक्रोसॉफ्ट से गठबन्धन कर आगे से विण्डोज़ फोन वाले स्मार्टफोन बनाने की घोषणा की।
इंटरनेट एवं सोशल नेटवर्किंग
फेसबुक और ट्विटर की प्रतिस्पर्धा के बीच गूगल ने अपना सोशल नेटवर्किग प्लेटफॉर्म गूगल$ भी लांच किय्ाा। य्ाह पूरी तरफ फ्लॉप तो न हुआ पर बहुत सफल भी न रहा। इस बीच फेसबुक व ट्विटर भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते अपने इंटरफेस में बदलाव एवं नय्ाी सुविधाय्ों लाते रहे। ट्विटर जहाँ फोटो अपलोडिंग की सुविधा लाय्ाा वहीं फेसबुक में वीडिय्ाो कॉलिंग सुविधा आय्ाी।
बीते साल क्लाउड कम्प्य्ाूटिंग का भी बोलबाला रहा। अधिकतर मोबाइल प्लेटफॉर्म क्लाउड कम्प्य्ाूटिंग की तरफ बढ़ रहे हैं। एपल ने आइफोन, आइपैड तथा मैक के लिय्ो आइक्लाउड सुविधा की घोषणा की जिससे सभी डिवाइसों का डाटा क्लाउड पर सिंक किय्ाा जा सकता है। फाय्ारफॉक्स, क्रोम आदि ब्राउजरों ने भी य्ाूजर का डाटा (बुकमार्क, हिस्ट्री, सैटिंग्स आदि) सिंक करने की सुविधा प्रदान की। गूगल डॉक्स की प्रतिस्पर्धा में माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपने ऑफिस सुइट का ऑनलाइन संस्करण जारी किय्ाा।
कुछ अन्य्ा उल्लेखनीय्ा गैजेटों में सोनी द्वारा प्रस्तुत 3डी कैमकॉर्डर शामिल है जो कि 3डी वीडिय्ाो शूट करने वाला पहला कैमकॉर्डर है। य्ाह मार्च 2012 के आसपास आने की उम्मीद है। एंग्री बडर््स की भी 2011 में धूम रही। 2009 में आइफोन एप्लिकेशन के तौर पर शुरु हुय्ाी य्ाह ऑनलाइन गेम अब एण्ड्रॉइड के अलावा क्रोम वेब ब्राउजर एवं ऑनलाइन वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। साल 2011 तकनीकी क्षेत्र के दो दिग्गजों सी एवं य्ाूनिक्स के जनक डैनिस रिची तथा एपल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की मृत्य्ा का गवाह भी रहा। कुल मिलाकर साल 2011 तकनीकी विकास के लिहाज से उपलब्धिपूर्ण रहा। य्ाह विकास अगले साल भी जारी रहने की उम्मीद है तथा नय्ो बेहतर गैजेट देखने को मिलेंगे।
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