नकारात्मक सोच को सकारात्मक सोच
में बदलने का समय
नए साल 2012 ने हमारे जीवन में अपनी दस्तक दे दी है। नए साल की पहली सुबह पर नया उल्लास, नए संकल्प, नए इरादे और जीवन की नई खुशियां हमारा स्वागत करने को बैताब है तो पिछले वर्ष की कडकी बातों, भूलों, अधूरे कार्यों व जीवन की मुश्किलों का अक्स भी साथ है। ऐसे में समय है कि नए साल की शुरूआत हम अपने भीतर की नकारात्मक सोच को सकारात्मक सोच में बदलकर करे। सकारात्मक सोच जीवन की नई चुनौतियों से लडने में भरपूर उर्जा देगी और आप नई कार्यों को व नए सकंल्पों को सफलतापूर्वक अंजाम दे पाएंगे। पुरानी गलतियों, कडवी यादों व रिश्तों में आई खटास को सुधारने का भी यह सबसे अच्छा समय है। तो देर मत करिए, क्योंकि नई शुरूआत से बढाया गया आपका एक कदम आपको जीवन के तमाम झंझावतों से मुक्त कर देगा और आप सही मायनों में साल 2012 का आनंद ले पाएंगे।
- राजेन्द्र शर्मा
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